Thursday, 30 October 2008

उनकी दिवाली,देश का दिवाला

इस दिवाली देश की न सोचो
सफेद खादी में लक्ष्मी जी को संजोलो
पाप मिटे और पुण्य आए
कलयुग से सतजुग बन जाए

पर लक्ष्मी जी जब आवाज़ लगाये
सफेद खादी दौड़ते हुए आए
बोले !! हम पर सदा कृपा बनाये रखे
हम ही तो है भक्त सच्चे
सफेद खादी में लक्ष्मी जी के रंग है निखरे

उनकी दिवाली में चाहे देश का दिवाला निकले

1 comment:

l k chhajer said...

क्या आप को मालूम है की
जो दिवाला निकालते हैं ऊनका दिवाली मनाने का अंदाज ही अलग होता है .
ऊनके व ऊनके परिवार के लोगों के नए नए व महेंगे महेंगे कपडे होंगे .
ऊनके ड्राईंग रूम में सबसे महेंगी मिठाइयां देखने को मेलेगी क्योंकि
इनको एक दिवाला इस दिवाली पर और निकलना है.ताकि देश का दिवाला निकल ही जाये .
लूण करण छाजेड